रोहतास के रेड लाइट एरिया में पुलिस का छापा, 17 नाबालिग लड़कियों का किया रेस्क्यू, 10 छत्तीसगढ़ की…
सासाराम। बिहार के रोहतास जिले में पुलिस ने बड़ी छापेमारी की। पुलिस ने ये छापा रोहतास के रेडलाइट एरिया नासरीगंज के बरडीहा में मारा। यहां से पुलिस ने 17 लड़कियों को छुड़ाया और 3 आरोपियों को भी दबोच
बिक्रमगंज के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संकेत कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर नासरीगंज थाने के बारडीहा गांव में छापेमारी की गई। उन्होंने कहा, ‘हमें सूचना मिली थी कि नाबालिग लड़कियों को अन्य राज्यों से ऑर्केस्ट्रा नृत्य और अन्य अनैतिक कार्यों के लिए लाया जा रहा है।’

रोहतास के एसपी रौशन कुमार ने बताया कि मुक्त कराई गई सभी नाबालिग लड़कियों को बाल कल्याण समिति, सासाराम को सौंप दिया गया है। समिति के निर्देशानुसार पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। प्रेस वार्ता में विक्रमगंज एएसपी संकेत कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद थे।
छापेमारी अभियान में पुलिस ने किया बरामद
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बरडिहा में नाबालिग लड़कियों को लाकर अनैतिक कार्य कराया जा रहा है। इसके बाद एक टीम गठित कर छापेमारी अभियान चलाया गया। नासरीगंज थाना में मामला विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया है।

इन्हें किया गया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में ऑर्केस्ट्रा संचालिका ममता विश्वकर्मा (निवासी बरडिहां, नासरीगंज), गीता कुंवर और रमण कुमार पासवान उर्फ मुन्ना (निवासी बलियाथाना राजपुर) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार तीनों ने कबूल किया है कि वो छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश समेत देश के अलग-अलग राज्यों से लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा में डांस के नाम पर बहला फुसला कर ले आते हैं, फिर इन्हें देह व्यापार में ढकेल देते हैं।
इस मामले में कुल ग्यारह व्यक्तियों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। शेष आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है और उनके संपर्कों को खंगाला जा रहा है, ताकि इस तरह के अनैतिक कार्यों में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जा सके।

मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ से लाते थे लड़कियां
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि वे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से नाबालिग लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा में काम देने का झांसा देकर लाते थे। इसके बाद ऑर्केस्ट्रा की आड़ में उनसे अनैतिक कार्य करवाते थे। बरामद लड़कियों में 10 छत्तीसगढ़ की हैं।
पूर्व में 41 लड़कियां हुई थीं बरामद
गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व इसी इलाके में पुलिस ने छापेमारी कर 41 नाबालिग लड़कियों को छुड़ाया था। इनमें भी छत्तीसगढ़ की लगभग डेढ़ दर्जन लड़कियां शामिल थीं।
बाल कल्याण समिति के एक सदस्य ने TRP NEWS को बताया कि पिछली बार की तरह इस बार भी लड़कियों ने उनके शारीरिक शोषण जैसी किसी भी बात से इंकार किया है। लड़कियों ने बताया कि उन्हें काम का लालच देकर यहां लाया गया था। लड़कियां निर्धन परिवारों से हैं और उनके परिजनों ने एडवांस में पैसे लेकर उन्हें दलालों के साथ भेज दिया है।

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