सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग: दुर्ग गैंगरेप केस में ‘सीजी गवर्नमेंट’ लिखी कारों से ले जाते थे आरोपी, पुलिस ने जब्त कीं 2 गाड़ियां
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग से गैंगरेप मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए “सीजी गवर्नमेंट” लिखी गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे। मामले में पुलिस ने दो कारें जब्त कर ली हैं और घटनास्थलों की वीडियोग्राफी कर अहम साक्ष्य जुटाए हैं।
जानकारी के अनुसार, पीडब्ल्यूडी विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर आरोपियों ने नाबालिग को कई बार दुर्ग और उतई स्थित रेस्ट हाउस ले जाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी भीमनारायण पांडे और संजय पंडित को दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर एक कार (CG-07-AU-352) और दूसरी इंडिगो कार (CG-07-AT-7047) जब्त की गई। इसके अलावा आरोपियों से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
जांच के दौरान पुलिस टीम आरोपियों को दुर्ग रेस्ट हाउस, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस और उतई रेस्ट हाउस लेकर गई, जहां गवाहों की मौजूदगी में क्राइम सीन का पुनर्निरीक्षण किया गया और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को 15 फरवरी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें विभाग का सेवानिवृत्त कर्मचारी, कारोबारी और एक जनप्रतिनिधि का पूर्व सहयोगी भी शामिल बताया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार वर्ष 2018 से करीब सात साल तक उसके साथ दुष्कर्म किया जाता रहा। आरोप है कि उसकी मां के काम पर जाने के दौरान उसे अकेला पाकर वारदात को अंजाम दिया जाता था और शिकायत करने पर धमकाया जाता था। पुलिस का कहना है कि मामले में इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा जांच अभी जारी है।

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