हवलदार ने चालान पेश करने के लिए पीड़िता से मांगी रिश्वत, कॉल रिकॉर्डिंग के साथ हुई शिकायत के बाद SP ने किया लाइन अटैच
जांजगीर-चांपा। जिले के बिर्रा थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक अनिल सिंह अजगल्ले को रिश्वत मांगने और पीड़ित पक्ष को धमकाने के आरोप में लाइन अटैच कर दिया गया है। एसपी विजय कुमार पांडेय ने यह कार्रवाई ऑडियो सबूत और लिखित शिकायत के आधार पर की।
अनिल सिंह अजगल्ले पर आरोप है कि उसने एक महिला से कोर्ट में चालान पेश करने के बदले 5 हजार रुपए की मांग की। इतना ही नहीं, जब महिला ने फोन रिकॉर्डिंग का जिक्र किया तो प्रधान आरक्षक ने फोन रिकॉर्डिंग कर रहे हो, तुम लोगों को देख लूंगा, कहकर धमकी दी।
रिपोर्ट दर्ज करने के नाम पर भी लिए रूपये
पीड़ित महिला ने बताया कि उसकी बहू फोन पर लगातार धमकियां दे रही थी और झूठे केस में फंसाने की बात कह रही थी। इसी विवाद को सुलझाने वह 14 अगस्त को अपनी बेटी के साथ ग्राम करही गई, जहां दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इसके बाद महिला ने बिर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप है कि प्रधान आरक्षक ने उससे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाए और उसके मूल आवेदन को नजरअंदाज कर दिया। रिपोर्ट दर्ज करने के नाम पर पहले ही 7 हजार रुपए ले लिए गए।
महिला के मुताबिक 19 नवंबर को अजगल्ले ने उसकी बेटी को फोन कर शेष 5 हजार रुपए एक अन्य व्यक्ति के खाते में भेजने का दबाव बनाया। पैसे न देने पर धमकी दी कि चालान कोर्ट में पेश नहीं होग
बाद में चालान एक अन्य पुलिसकर्मी के जरिए भेजा गया, जिसने बताया कि उसे ‘स्क्रूटनी’ के लिए वापस थाने भेजा जा रहा है। इसी बीच प्रधान आरक्षक ने महिला को 20 नवंबर को चांपा कोर्ट आने के निर्देश भी दिए थे। पीड़िता की शिकायत पर एसपी ने एसडीओपी यदुमणि सिदार को प्रारंभिक जांच सौंप दी। जांच के दौरान मिले सबूतों के बाद प्रधान आरक्षक अनिल सिंह अजगल्ले को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

Public reporter 



