क्रॉनिकल की खबर का दिखा असर, सोमवार भी जारी रही प्रधानमंत्री आवास में गड़बड़ी की जांच, एसडीएम के निर्देश पर जांच दल का किया गया है गठन
तमता। ग्राम पंचायत तमता में प्रधानमंत्री आवास में गड़बड़ी के मामले में एसडीएम आर एस बिसेन के निर्देश पर शुरू हुई जांच सोमवार को भी जारी रही। इसके पहले जांच अधिकारियों ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत पहुंचकर शिकायतकर्ताओं और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए थे। सोमवार को जांच अधिकारियों ने मौका सत्यांपन कर वस्तुोस्थिति की जानकारी ली।

उल्लेरखनीय है कि ग्राम पंचायत तमता में प्रधानमंत्री आवास में कई अनियमितताओं का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ताओं ने इसे लेकर एसडीएम आर एस बिसेन से शिकायत की थी। शिकायत में ग्रामीणों ने रोजगार सहायक, आवास मित्र और मेट पर कई प्रधानमंत्री आवास में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।जिसमें मनरेगा के तहत मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी के साथ ही, अन्यन हितग्राही के नाम पर स्वी कृत आवास की राशि अपने ससुर के खाते में अंतरित कराने, गांव का निवासी नहीं होने के बावजूद हितग्राहितयों के नाम पर आवास स्वी कृत कराकर राशि की हेरा फेरी करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। साथ ही कई ऐसे मामलों की भी ग्रामीणों ने शिकायत की थी जिसमें आवास का निर्माण शुरू भी नहीं होने के बावजूद तीनों किश्तों की राशि हितग्राहियों के खाते में जमा करा दी गई थी जबकि तीनों किश्तों का अंतरण चरणबद्ध तरीके से निर्माण शुरू होने से पूर्व, डोर लेवल और पूर्णता की स्थिति में किया जाता है।

और तो और पूर्णता दिखाने के लिए निर्मित मकान के फोटो के साथ ही उसकी जिओ टैगिंग भी करनी अनिवार्य होती है। परंतु इन मामलों में ऐन केन प्रकारेण फर्जीवाड़ा कर किश्तोंर का अंतरण कराया गया। जशपुर क्रॉनिकल ने इन खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद एसडीएम आर एस बिसेन के द्वारा जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मामले की जांच कराने के लिए निर्देशित किया गया था। एसडीएम के निर्देश पर सीईओ प्रियंका रानी गुप्ताख के द्वारा जांच दल का गठन किया गया था जिसमें अलग अलग विभागों के लोगों को शामिल किया गया था। जांच दल ने शुक्रवार को गांव पहुंचकर शिकायतकर्ताओं और अन्यग ग्रामीणों के बयान लिए थे। सोमवार को जांच दल एक बार पुन: ग्राम पहुंचा और भौतिक सत्याहपन किया। बताया जाता है कि जांच में कई शिकायतों की पुष्टि हुई है जिसमें निवासी नहीं होने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास स्वीककृत होने, निर्माण प्रारंभ नहीं होने के बावजूद तीनों किश्तोंव का भुगतान तथा अन्यद हितग्राही के नाम पर स्वीनकृत आवास की राशि में हेरा-फेरी के मामले शामिल हैं। जिसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। हालांकि जांच दल ने अभी अपना प्रतिवेदन उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुोत नहीं किया गया जिसके मंगलवार शाम तक प्रस्तुणत हो जाने की उम्मीाद जताई जा रही है। मामले में आगे के अपडेट के लिए बने रहें जशपुर क्रॉनिकल के साथ






