गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर चना और शरबत का वितरण, सिख समाज के थे पंचम गुरु, लोगों ने किया शहादत को याद

गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर चना और शरबत का वितरण, सिख समाज के थे पंचम गुरु, लोगों ने किया शहादत को याद

पत्थलगांव। गुरु अर्जन देव शहीदी दिवस पर गुरु सिंह सभा पत्थलगांव के द्वारा बस स्टैंड में राहगीरों को चना और शरबत का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में सिख समाज के लोगों ने यहां उपस्थित होकर गुरु की शहादत को याद किया।

गुरु अर्जन देव सिख धर्म के पांचवें गुरु और सिख धर्म के पहले शहीद थे। उनका जन्म 1563 में हुआ था और मृत्यु 30 मई 1606 को हुई थी। गुरु अर्जन देव को मुगल बादशाह जहांगीर के आदेश पर लाहौर में शहीद कर दिया गया था। जिसका प्रमुख कारण गुरु अर्जन देव का उनके धर्म के प्रति समर्पण, शिक्षाओं को फैलाने और धार्मिक सहिष्णुता रही। गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष हरजीत सिंह भाटिया ने बताया कि गुरु अर्जन देव का पूरा जीवन कमजोर तबके के लोगों की मदद और उनके उद्धार के लिए समर्पित रहा। उनके शहीदी दिवस पर समाज की ओर से चना और शरबत के वितरण की परंपरा रही है। शहर में भी यह परंपरा दशकों से चली आ रही है। इसी के अनुक्रम में आज भी बस स्टैंड पर राहगीरों को चना व शरबत का वितरण किया गया। इससे पूर्व गुरुद्वारा में श्री गुरु के शहीदी दिवस पर आयोजित अखंड पाठ का समापन हुआ। जिसके बाद कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान अध्यक्ष हरजीत सिंह भाटिया, उपाध्यक्ष गुरूशरण सिंह भाटिया, कोषाध्यक्ष सिंदर भाटिया, सचिव कुलविंदर सिंह भाटिया, सहसचिव परमजीत सिंह भाटिया, बब्बू भाटिया, सिम्हर भाटिया, चंचल भाटिया समेत समाज के अन्य लोग उपस्थित रहे।

गुरु ग्रन्थ साहिब का संपादन

गुरु सिंह सभा के रविन्द्र सिंह भाटिया ने बताया कि गुरु अर्जन देव ने अमृतसर में स्वर्ण मंदिर का निर्माण पूरा किया, जो सिख धर्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। गुरु अर्जन देव ने सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ, गुरु ग्रंथ साहिब का संपादन किया, जिसमें सिख गुरुओं की वाणी और अन्य धार्मिक संतों के भजन शामिल हैं।

निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

सहसचिव परमजीत सिंह भाटिया ने बताया कि गुरु अर्जन देव सिख धर्म के एक महान गुरु थे और उनकी शहादत ने सिख धर्म के इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गुरु अर्जन देव ने सिख धर्म को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सिख धर्म की शिक्षाओं को व्यापक रूप से प्रचारित

किया।